मेनोपाॅज
@वृषाली रूख्सार 🌸 बिस्तर पर लेटी हुई सविता की नजर वाॅलक्लाॅक पर पडी वैसे ही चौक कर हड़बड़ाती हुई वो उठ गई। "7.30,हे , भगवान!!!" आज बहुत ही देर से आँख खुली उसकी।सुबह का ब्रेकफास्ट बनाना है,शेखर यानि उसका पति उसके टिफिन की तय्यारी,ढेर सारे घर के काम,कैसे होगा सब टाइम पे? बिस्तर से उठकर जमीन पर पैर रखी वैसी ही थोडी चक्कर सी आ गई। सुबह के बहुत सारे काम बाकी थे। जल्दीसे ब्रेकफास्ट तय्यार करके डायनिंग टेबल पर लगा दी। उसमे भी शेखर का ब्रेकफास्ट अलग उसकी बेटी स्नेहा का ब्रेकफास्ट अलग, बेटे तन्मय का अलग। सच तो आज उस में काम करने की हिम्मत ही नही थी।फिर भी इतना सबकुछ जल्दी से बना दी।लेकिन पति के लिए ऑमलेट बनाई उसमे नमक डालना भूल गई तो स्नेहा के ज्यूस मे शक्कर डालनेकी रह गई, जल्दी जल्दी मे चाय बनाई वो भी रोज की तरह नही बनी। हो गया!!!!!यहा पतिदेव नाराज हुए ब्रेकफास्ट आधे में छोड़कर चले गए, वहां से स्नेहा चिल्लायी "मम्मी,ज्यूस कैसा टेस्ट लेस बना है"।समझ नही आ रहा था सविता को प...
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